वाहनों के लिए नंबर खरीदने को लेकर वीवीआईपी नंबर की खरीद एक बार फिर चर्चा में है। अभी हाल में परिवहन विभाग ने फैंसी नंबरों की ई-ऑक्शन के माध्यम से पांवटा साहिब के एचपी 17 एच 0001 की ई-ऑक्शन की थी। इस नंबर के लिए सबसे अधिक बोली 60 लाख रुपए लगी थी। वहीं बोलीदाता ने नंबर के लिए इतनी बड़ी राशि की बोली लगाकर प्रदेश के अन्य वाहन मालिकों को भी चौंकाया था। लेकिन विभाग द्वारा निर्धारित तिथि के बाद भी सफल बोलीदाता ने राशि जमा नहीं करवाई है और नंबर नहीं खरीदा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 30 जून को वीवीआईपी नंबरों की खरीद का परिणाम घोषित किया था और सफल बोलीदाताओं को 3 जुलाई तक पूरी राशि जमा करवाने को कहा था। लेकिन 3 जुलाई को राशि जमा न होने के कारण विभाग ने बोलीदाता द्वारा पहले जमा करवाई गई 30 प्रतिशत अग्रिम राशि जोकि 1,50,000 रुपए को जब्त कर लिया है।
ऐसे में बोलीदाता ने डेढ़ लाख रुपए की राशि भी गंवा दी, जोकि सरकार के खाते में जमा हो गई। अब एचपी 17 एच 0001 के लिए परिवहन विभाग फिर से ऑक्शन करेगा, जबकि बिलासपुर में एचपी 24 ई 0001 व मंडी के कोटली में एचपी 33एए 0001 के सफल बोलीदाता ने राशि जमा करवा कर नंबर हासिल किया है। परिवहन विभाग के निदेशक डीसी नेगी ने बताया कि एचपी 17 एच 0001 नंबर के लिए सबसे अधिक 60 लाख रुपए बोली लगाई गई थी, लेकिन विभाग द्वारा निर्धारित तिथि में नंबर की राशि जमा नहीं हुई है। ऐसे में अब नियमों के अनुसार बोली लगाने वाले बोलीदाता द्वारा पहले जमा करवाई गई अग्रिम राशि जोकि 1.5 लाख रुपए बनती है, उसे जब्त कर लिया गया है। अब इस नंबर की फिर से बोली लगेगी।
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