शिमला. हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव में भाजपा का टिकट आशीष शर्मा को देने से संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। नाराज कार्यकर्ता अब भाजपा के खिलाफ ही बिगुल बजा सकते हैं। हमीरपुर की सियासी चर्चाओं के बीच भाजपा के युवा नेता विजय पाल सिंह सोहारु निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। विजय पाल सिंह सोहारु करीब तीन दशक से भाजपा संगठन में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। निर्दलीय विधायक रहे आशीष शर्मा को पार्टी में शामिल कर टिकट देने से संगठन में वर्षों से काम कर रहे कार्यकर्ता नाराज हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर ऐसे ही बाहरी लोगों को पार्टी में शामिल कर सीधे टिकट दे दिया जाएगा तो संगठन में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को कब मौका मिलेगा।
विजय पाल सिंह सोहारु भाजपा में अपने छात्र जीवन से ही जुड़े हैं और शहर में एक राजनैतिक परिवार से आते हैं। विजयपाल सोहारु के दादा कैप्टन ध्यानचंद हमीरपुर से विधायक भी रहे हैं। सोहारु के पिता रणजीत सिंह शहर में काउंसलर भी रहे हैं। विजय पाल सिंह सोहारु भी 2005 से 2010 तक काउंलर रहे हैं। जिससे हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में सोहारु परिवार का सम्मानजनक स्थान है।
विजयपाल सिंह सोहारु ने भाजपा के छात्र संगठन से लेकर युवा मोर्चा और भाजपा में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। वह हमेशा भाजपा में ईमानदारी और कर्मठता के साथ कार्यकरते रहे हैं। लेकिन इस तरह पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं के खिलाफ जाकर पार्टी ने निर्णय लिया है, जिस अब वह बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। वह वर्तमान में जिला भाजपा के उपाध्यक्ष हैं। इससे पहले प्रदेश सचिव भी रहे हैं और जिला के महासचिव भी रहे हैं।
कल रात ही भाजपा की टिकट की ऐलान होने के बाद सोहारु के साथ भारी संख्या में पार्टी से नाराज कार्यकर्ता एकत्र हो रहे हैं। इस बारे में जब सोहारु से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लंबे समय से जुड़ साथी निर्दलीय चुनाव लड़ने का दवाब बना रहे हैं। सोहारु कहते हैं कि हम सभी लोगों ने पार्टी के बरिष्ठ नेताओं को कहा था कि संगठन के कार्यकर्ता को टिकट दिया जाए लेकिन हमारी नहीं सुनी गई है। अब आगे की रणनीति सभी से चर्चा के बाद बनाई जाएगी।
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