शिमला. हिमाचल के सरकारी स्कूलों में चमत्कारी बदलाव नजर आ रहे हैं। ऐसे बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जिनके सरकारी स्कूलों में होने की संभावना पहले कभी नजर नहीं आई। यह बदलाव शैक्षणिक भ्रमण के लिए विदेश गए टीचर्स अपने स्कूलों में ला रहे हैं। समग्र शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेश शर्मा की सरकारी स्कूलों गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने की नई सोच के कारण संभव हो रहा है। जिनके प्रयास से प्रदेश के 200 से अधिक शिक्षकों ने सिंघापुर का शैक्षणिक भ्रमण किया, वहां की शिक्षा व्यवस्था का देखा और सीखा। अब सभी शिक्षक हिमाचल में आकर अपने-अपने स्कूलों में लागू कर रहे हैं। शिक्षकों के सिंघापुर भ्रमण के प्रभाव सरकारी स्कूलों में साफ नजर आ रहा है। सरकारी स्कूल की कंप्यूटर लैब को देखकर लग रहा है कि यह किसी बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज की लैब हो। वर्तमान में प्राइवेट क्षेत्र में खुलीं शिक्षा की दुकानों में भी ऐसी लैब देखने को नहीं मिलती है।
सरकारी प्राइमरी स्कूल में आईटी शिक्षा, कंप्यूटर लैब
सरकारी प्राइमरी स्कूल में कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की जाएगी, इसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है। लेकिन स्कूल के शशिपाल शर्मा ने अपने सोच को साकार करते हुए प्राइवेट सेक्टर की मदद से स्कूल में कंप्यूटर लैब स्थापित कर दी है। सोलन जिले के राजकीय प्राथमिक शाला शमरोड़ में बहुत ही सुंदर कंप्यूटर लैब बनी है, जिसे बहुत लगन के साथ बनाया गया है। लैब में 10 कंप्यूटर एलईडी स्कीन के साथ लगे है जिससे अब सरकारी प्राइमरी स्कूल के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण करेंगे। सरकारी स्कूल के टीचर शशिपाल शर्मा का यह प्रयास काबिले तारीफ है। उनके इस प्रयास से और भी शिक्षक प्रेरित होंगे और बेहतर शिक्षा देने के नए प्रयास शुरु करेंगे।

होम वर्क के साथ रीडिंग, राइटिंग की हेबिट के साथ पीटीएम सिस्टम भी लागू
सरकारी प्राइमरी स्कूल बंडोल के शिक्षक सुनील धीमान ने अपने स्कूल में बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए बहुत प्रयास किए हैं। बच्चों में अनुशासन विकसित करने के साथ-साथ स्कूल ड्रेस भी लागू की है। इसके साथ ही बच्चों को रीडिंग और राइटिंग का सिस्टम भी लागू किया है। सुंदर लिखावट के लिए सबको एक जैसी कॉपी और पेन बच्चों को दी गई है। इसके साथ ही बच्चों के साथ-साथ टीचर्स और अभिभावक को भी असाइमेंट दिया जाता है। जिससे शिक्षा व्यवस्था में सभी के सामूहिक प्रयास से बेहतर रिजल्ट सामने आएंगे।

बच्चों के साथ ही टीचर्स की भी स्कूल यूनीफॉर्म, बहुत सुंदर प्रयास
हमीरपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बच्चों के साथ टीचर्स की भी यूनिफॉर्म तय की गई है। जिससे बच्चों के साथ टीचर्स भी यूनिफॉर्म में आकर अनुशासन दिखाएं। टीचर्स के यूनिफॉर्म में आने से बच्चों को भी यूनिफॉर्म में आने की प्रेरणा मिलेगी। आप भी देखिए कि फोटो में ड्रेस कोड के साथ नजर आ रहे सभी टीचर्स बहुत ही सुंदर दिखाई दे रहे हैं। यह अलग ही अनुभव है और यह प्रयास भी सराहनीय है।

स्कूल भवन को सुंदर तरीके से सजाया, ब्लेजर के साथ ड्रेस में शिक्षक
प्रदेश के हमीरपुर जिले के परोल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के टीचर्स ने बहुत से सुंदर ढंग से स्कूल भवन को सजाया है। स्कूल भवन बहुत ही साफ सुथरा और आकर्षक लग रहा है। इसके साथ ही शिक्षकों ने अपने लिए ड्रेस कोड भी लागू किया है। सभी शिक्षक ब्लेजर पहनकर स्कूल आते हैं, जिससे उनका व्यक्तित्व भी प्रभावशाली दिखता है और बच्चों को भी प्रभावित करते हैं।


इस तरह समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों के विदेश भ्रमण का प्रभाव हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था पर दिखने लगा है।
आप ही जीतोगे’ एक प्रेरणादायक पुस्तक है, जो पाठक को यह विश्वास दिलाती है कि जीवन की हर लड़ाई में जीत की सबसे बड़ी ताकत उसके भीतर ही छिपी होती है
Trade deal with United States is pact that will ruin farmers of Punjab & country: CM Bhagwant Singh Mann*
Punjab Vidhan Sabha passes resolution heavily castigating Sukhpal Singh Khaira for making derogatory remarks on Women availing Rs. 1000 assistance