
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हि.प्र.
नशीले पदार्थों रूपी धीमे जहर का लगातार सेवन व्यक्ति के शरीर को गंभीर रूप से रोगग्रस्त करके उसके पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन को समूल नष्ट कर, पीड़ित व्यक्ति परिवार व समाज पर बोझ बनाकर अकाल मृत्यु का ग्रास बनाता है।
समाज में सभी आयु वर्ग के लोगों को नशे से मुक्त रखने हेतु समय पर नशीले पदार्थों के सेवन के कारण, नशे की लत के लक्षणों एवं नशे से बचाव हेतु निम्न परामर्श देना अनिवार्य है:-
नशीले पदार्थों के सेवन के कारण
1. परिवार में उचित सम्मान के स्थान पर बार–बार तिरस्कार होना।
2. मित्रों के समूह में सम्मानजनक स्थान एवं संगति प्रभाव में नशा करना।
3. समस्याओं, कष्टों और संघर्षों से बचने के लिए नशीली दवाओं का सहारा लेना।
4. युवा वर्ग द्वारा बुरी संगत में आनन्द की खोज में नशा करना।
5. अनिद्रा एवं अवसाद आदि के कारण नशा करना।
नशीले पदार्थों की लत से स्वभाव परिवर्तन
1. अकेले रहने की प्रवृति व भुलक्कड़पन सदैव चिन्तित तथा उदासीनता का रहना।
2. आलस्य की अधिकता, सफाई का ध्यान न रखना तथा स्कूल या कार्यस्थल में अनुपस्थिति।
3. नए दोस्त बनाना, जिन्हें परिवार से कभी नहीं मिलवाना।
4. हाथ–पैर में कपकपी व पसीना आना, सिर चकराना तथा आवाज का लड़खडाना।
5. भूख न लगना और वजन कम होना।
6. आंखो में लाली, नाक बहना, चेहरे पर सूजन, चेहरे का पीलापन व आंखों के नीचे गड्डे पड़ना।
7. शरीर पर इंजेक्शन के निशान और कपड़ों पर रक्त के धब्बे होना।
8. सुस्त रहना, अत्यधिक नींद, थकान, चिड़चिड़ापन व अनिद्रा आदि।
नशे से बचाव में सहायक
1. परिवार में मित्रवत सम्मानजनक व्यवहार व हर कार्य एवं व्यक्तिगत समस्याओं में सहयोग।
2. अच्छी संगत एवं जीवन में उच्च लक्ष्य की प्राप्ति की इच्छा पैदा करना।
3. महान पुरूषों एवं सन्तों की शिक्षाओं का अनुसरण।
4. रचनात्मक कार्यों एवं खेलों के प्रति रूझान ।
5. बच्चों की दिनचर्या, दोस्तों व दैनिक आचार विचार पर नजर रखना।
6. बच्चों के दोस्तों बारे पूर्ण जानकारी रखना।
7. बच्चों को परिवार में समुचित समय देकर का समाधान करना।
नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों का ज्ञान देना
1. नशे की हालत में दुर्घटना, घरेलू हिंसा की घटनाओं एवं चिकित्सा समस्याओं सहित मृत्यु के उच्च जोखिम का बढना।
2. तस्करी हिंसा आपराधिक कार्यों में संलग्न होने की अधिकतम सम्भावना।
3. नशा हिंसा, चोरी, आत्महत्या आदि अनेक अपराधों को जन्म देता है।
4. विभिन्न प्रकार के नशों के कारण मुंह, गले व फेफडों का कैंसर, ब्लड प्रशर, अल्सर, आंतरोग, अवसाद एवं अन्य जटिल रोगों का शिकार होना।
परामर्श हेतु सम्पर्क
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार से सहायता प्राप्त निम्न गैर सरकारी संगठनों द्वारा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है:-
समेकित नशा मुक्ति केन्द्र दूरभाष सख्या मोबाइल नंबर
1. समेकित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र ऊना स्थित घालूवाल
01975 292790
94180 80204
2. समेकित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र हमीरपुर
01972 293307
94180 80204
3. समेकित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र कुल्लू
01902 356136
94180 80204
4. समेकित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र नूरपूर जिला कांगड़ा
01893 221200
98165 82937
5. समेकित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र कुल्लू (महिला)
01972 226766
94180 00485
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन्दिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिमला, टाण्डा मेडिकल कॉलेज में नशा मुक्ति केन्द्र व मण्डी में आदर्श नशा मुक्ति केन्द्र की स्थापना।
युवाओं को निःशुल्क परामर्श के लिए सभी जिला अस्पतालों में युवा परामर्श केन्द्र स्थापित।
सहायता के लिए राष्ट्रीय टोल फ्री न0 01800-11-0031 एवं प्रदेश हेल्पलाईन नम्बर 104 पर किसी भी कार्य दिवस में प्रातः 09:00 से सांय 6:00 बजे तक सम्पर्क किया जा सकता है।
निदेशालय अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का शक्तिकरण हिमाचल प्रदेश।
CM Bhagwant Singh Mann’s efforts to attract investment bear fruit; South Korea steps forward to provide technological support to Punjab’s agriculture sector*
Guru Ravidas Ji’s message is as relevant today as it was 600 years back – Sukhbir Singh Badal.
CM orders launch of 4th phase of BPL identification survey from 1st February
प्रदेश के इतिहास में पहली बार सभी पंचायतों में नियुक्त होंगे प्रशासक : जयराम ठाकुर
CM congratulates DDT&G on national recognition for ‘Him Parivar’ initiative