शिमला. हमीरपुर जिले की सुजानपुर विधानसभा अगले विधानसभा चुनाव में सियासी बदलापुर की तरह देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके पुत्र केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर दोनों ही सुजानपुर में सक्रिय है। यह सक्रियता सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में खोए हुए जनाधार को फिर से जुटाने के लिए दिख रही है। गत विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरा रहे प्रेम कुमार धूमल कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा से चुनाव हार गए थे। अब सुजानपुर क्षेत्र में प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर के सक्रिय होने से साफ दिख रहा है कि वह गत चुनाव में हार का बदला लेने के लिए फिर से चुनावी मैदान में होंगे। 2022 के विधानसभा चुनाव लड़ने के बारे में धूमल ने साफ कर दिया है कि वह तो चुनाव लड़ने को तैयार हैं, लेकिन टिकट का अंतिम निर्णय तो पार्टी को करना है। पार्टी तय करेगी कि चुनाव लड़ना है कि नहीं। पार्टी का निर्णय तो चुनाव के समय ही होगा लेकिन धूमल सुजानपुर की सियासी जमीन पर जनाधार तैयार करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। वहीं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर भी सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य करवाकर जनता के बीच सक्रिय हैं।
सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के लिए नया नहीं था। डिलिमिटेशन से धूमल का पहला विधानसभा क्षेत्र बमसन खत्म हो गया था और धूमल हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर विधायक बने थे। पूर्व की बमसन विधानसभा का लगभग आधा भाग सुजानपुर विधानसभा में मिल गया था। गत विधानसभा चुनाव में पार्टी हाईकमान ने धूमल को हमीरपुर से टिकट न देकर सुजानपुर से लड़ने का निर्णय लिया। सुजानपुर में पहले निर्दलीय विधायक रहे राजेंद्र राणा अपनी सियासी जमीन बहुत मजबूत कर चुके थे। चुनाव के पूर्व ही यह मुकाबला कड़ा माना जा रहा था लेकिन जब भाजपा ने धूमल को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया तो यह तय माना जा रहा था कि धूमल जीत दर्ज करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हो सकता और राजेंद्र् राणा के मजबूत जनाधार को तोड़ने में धूमल नाकाम रहे और हार का सामना करना पड़ा। हार के कारणों को अपने-अपने अंदाज में मंथन होता रहा लेकिन चुनाव के दौरान जनता के बीच जो बात सामने आती रही वह यह थी कि सुजानपुर क्षेत्र में प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर के द्वारा विकास नहीं कराया गया। जिससे सुजानपुर क्षेत्र के लोग धूमल परिवार से खफा थे। सुजानपुर के लोग साफ कह रहे थे कि अनुराग ठाकुर चार बार से सांसद हैं, बताएं सुजानपुर में क्या विकास किया है।
सुजानपुर से मुख्यमंत्री पद के चेहरा रहे प्रेम कुमार धूमल के हारने के प्रदेश के सियासी समीकरण ही बदल गए। पार्टी हाईकमान ने मंडी के सराज क्षेत्र से विधायक बने जयराम ठाकुर को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया। चुनाव हारने के बाद प्रेम कुमार धूमल लंबे समय तक राजनीति में कम ही सक्रिय रहे। इसके बाद विश्वव्यापी कोरोना संकट आ गया, जिससे धूमल घर पर ही रहे। कोरोना कम होने पर धूमल फिर से सुजानपुर सहित हमीरपुर जिले में सक्रिय हुए। सुजानपुर में कई कार्यक्रमों का आयोजन पार्टी की तरफ से हुआ जिसमें प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर ने भाग लिया। सुजानपुर शहर और पंचायतों के सैकड़ों लोग समीरपुर में जाकर भाजपा में शामिल हो रहे हैं। वहीं अभी हाल ही में अनुराग ठाकुर ने भी कई कार्यक्रमों का आयोजन किया और सांसद निधि से विकास कार्यों के लिए पैसा भी आबंटित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी बीते दिनों सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में ही कई विकास कार्यों के उद्घाटन व शिलान्यास किए। जिससे राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में विकास भी किया जा रहा है और लोगों को भाजपा के साथ जोड़ने का काम भी तेजी से हो रहा है। जिससे तय है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर में गत चुनाव में हुई हार को अब आगामी चुनाव में जीत में बदलने की तैयारी कर रहे हैं। अब देखना आगामी विधानसभा चुनाव में सुजानपुर में मुकाबला रोमांचक ही होगा।
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