एक लाख करोड़ की गारंटियां दी, 27 हजार करोड़ का लिया लोन
धर्मशाला: सितंबर 17, 2024
एक लाख करोड़ रुपये की गारंटिया देने, 27 हजार करोड़ का ऋण लेने के बावजूद न तो कांग्रेस सरकार गारंटियां पूरी कर पाई और न ही विकास करवा पाई है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार विकास के मामले में पूरी तरह से नाकाम रही है। यह आरोप भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने मंगलवार को धर्मशाला में प्रेसवार्ता में लगाए। डा. बिंदल ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गारंटियां देकर, मुकरने का नया उदाहरण पूरे देश के सामने सेट कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू विधानसभा के भीतर कुछ और बोलते हैं तथा बाहर कुछ और बोलते हैं। प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक न होने का हवाला देकर बिजली की दरें बढ़ाई जा रही हैं, मुफ्त पानी की सुविधा को बंद कर दिया गया, स्टांप डयूटी बढ़ा दी, स्कूल व कार्यालय बंर कर दिए। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश व प्रदेश की दिशा सही होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस राज में हिमाचल किस दिशा की ओर जा रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि सीएम सुक्खू आंकड़ों के मायाजाल से जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि शायद सीएम यह भूल गए हैं कि उनकी विधानसभा चुनावों में दी गई गारंटियों के पूरा न होने के चलते उनकी सरकार की असलियत जनता पहले ही जान चुकी है तथा अब उनके बयानों से भ्रमित होने वाली नहीं है। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता विपिन सिंह परमार, धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
CM orders launch of 4th phase of BPL identification survey from 1st February
प्रदेश के इतिहास में पहली बार सभी पंचायतों में नियुक्त होंगे प्रशासक : जयराम ठाकुर
CM congratulates DDT&G on national recognition for ‘Him Parivar’ initiative
मान सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, गन्ने पर 68.50 रुपए प्रति क्विंटल सब्सिडी को मंजूरी*
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाने के लिए ‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत की
CM Bhagwant Singh Mann’s efforts to attract investment bear fruit; South Korea steps forward to provide technological support to Punjab’s agriculture sector*
Guru Ravidas Ji’s message is as relevant today as it was 600 years back – Sukhbir Singh Badal.