अधिकारियों को रोडमैप तैयार करने के दिए निर्देश, गौ-चरान की भूमि को गौशालाओं की इच्छा अनुसार चारा उगाने के लिए दी जा सकेगी भूमि
चंडीगढ़, 7 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में गोवंश के संरक्षण की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए यह निर्णय लिया है कि प्रदेशभर में गौ-चरान की जितनी भूमि है, उसे चिह्नित किया जाएगा और इस भूमि को जो पंचायतें ठेके पर देती हैं, अब उस पैसे का उपयोग गौशालाओं की गतिविधियों के लिए प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा, अधिकारियों को भी एक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत गौ-चरान की भूमि को गौशालाओं की इच्छा अनुसार चारा उगाने के लिए भूमि आवंटित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री मंगलवार को जिला पंचकूला में आयोजित गौ सेवा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री ने गौशालाओं के लिए 216.25 करोड़ रुपये की चारा अनुदान राशि जारी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर बनने वाली गौशाला संचालकों को भी सम्मानित किया।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किये जा रहे हैं। इसी दिशा में गौशालाओं को बायोगैस प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और बायोगैस बनाने के लिए तकनीकी सहायता सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, गाय के गोबर से तैयार होने वाले प्रोमो खाद की विधि भी गौशालाओं के साथ साझा की जाएगी, ताकि प्रोमो खाद डीएपी के विकल्प के रूप में उपयोग हो सके। इतना ही नहीं, गाय के गोबर से पेंट, गौमूत्र से फिनायल, साबुन, शैंपू आदि उत्पाद बनाने के लिए भी गौशालाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन उत्पादों की बिक्री के लिए सरकार की ओर से मार्केटिंग में सहयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 330 गौशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाये गये हैं। शेष बची गौशालाओं में भी सोलर पावर प्लांट लगाने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा, ताकि गौशालाएं आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार गौशालाओं में 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा गौ संवर्धन एवं गौ संरक्षण योजना के अंतर्गत देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ए-टु दूध के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और इसके लाभकारी मूल्य मिलें, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी गौवंश, चाहे नन्दी हो, गौमाता हो, बछड़ा या बछड़ी, सभी की टैगिंग की जाएगी और यह डेटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिसकी रिपोर्ट वे स्वयं देखेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा समाज फिर से एक बार पुरानी संस्कृति की तरफ बढ़ रहा है। आज घर में जब बच्चे या माता पिता का जन्मदिन होता है तो परिवारजन गौशालाओं में जाकर गौ सेवा करते हैं। यही हमारी संस्कृति है।
प्रदेश सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश संरक्षण और प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए उठाये महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने गौशालाओं के विकास, गोवंश संरक्षण और प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। वर्ष 2014-15 में हरियाणा गौ सेवा आयोग के लिए केवल 2 करोड़ रुपये का बजट था। हमने जनसेवा का दायित्व संभालते ही बजट को बढ़ाना शुरू किया। इस साल कुल बजट 510 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक हरियाणा में 215 पंजीकृत गौशालाओं में केवल 1 लाख 74 हजार गोवंश थे। लेकिन इस समय राज्य में 683 पंजीकृत गौशालाएं हैं, जिनमें लगभग 4 लाख 50 हजार बेसहारा गौवंश का पालन-पोषण हो रहा है।
गोवंश संरक्षण के लिए गौशालाओं को दी सहायता
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पंजीकृत गौशालाओं को पिछले 10 वर्षों में चारे के लिए लगभग 270 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। इसके अलावा, लगभग 350 शेड निर्माण व चारा गोदाम के लिए 30 करोड रुपये की अनुदान राशि दी गई है। इस वित्त वर्ष में 608 गौशालाओं को लगभग 66 करोड़ रुपये चारा खरीद हेतु जारी किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, पहले गौशालाओं से जमीन की रजिस्ट्री पर 1 प्रतिशत शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब नई गौशालाओं को जमीन की रजिस्ट्री पर कोई भी स्टाम्प ड्यूटी नहीं देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशालाओं में गौवंश के स्वास्थ्य की जांच के लिए पशु चिकित्सकों की सुव्यवस्था न होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उनकी इस समस्या का भी निदान किया है। गौशालाओं में सप्ताह में एक दिन पशुचिकित्सक डयुटी करेगा। साथ ही मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा को बेसहारा गौवंश से मुक्त करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेसहारा गोवंश कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। अब बेसहारा बछड़ा या बछड़ी को पकड़ने वाली गौशाला को 300 रुपये, गाय के लिए 600 रुपये और नन्दी के लिए 800 रुपये की दर से नकद भुगतान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने समारोह में आए हुए गौ सेवकों से आह्वान किया कि वे सभी किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करें। आज किसानों द्वारा खेतों में अत्यधिक कीटनाशकों का उपयोग करने के कारण मानव जाति के साथ –साथ चारे के रूप में गोवंश पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए प्राकृतिक खेती ही इसका एकमात्र समाधान है।
प्रदेश सरकार पशुधन के विकास के लिए प्रतिबद्ध – श्याम सिंह राणा
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गाय का दूध अमृत के समान माना जाता है। वैज्ञानिक शोधों से भी यह प्रमाणित हो चुका है कि देसी गाय का दूध हृदय रोग से बचाव में अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पशुधन के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आज हरियाणा राज्य में वार्षिक दूध उत्पादन 122 लाख टन पर पहुँच गया है और प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध उपलब्धता के मामले में राज्य का देश में तीसरा स्थान है। उन्होंने कहा कि पशुओं को मुंह खुर व गलघोटू रोगों से मुक्त करने के लिये संयुक्त वैक्सीन का प्रयोग करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। पशुपालकों के लिए पशुधन बीमा योजना चलाई जा रही है। राज्य सरकार ने देसी नस्ल की साहीवाल व बेलाही गायों के संवर्धन पर विशेष बल दिया हुआ है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सुरक्षा के लिए एक सख्त कानून हरियाणा गौ-वंश संरक्षण व संवर्धन अधिनियम-2015 लागू किया है। इस कानून में गौ हत्या करने वाले व्यक्ति को 10 वर्ष तक का कारावास तथा अवैध गौ तस्करी करने वाले व्यक्ति को सात वर्ष तक की कैद का प्रावधान किया गया है।
हरियाणा देश का प्रथम राज्य होगा, जहाँ गौवंश बेसहारा सड़कों पर दिखाइ नहीं देगा- स्वामी ज्ञानानंद महाराज
इस अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा सरकार के लिए गाय केवल राजनीति नहीं है, केवल चुनावी विषय नहीं, गाय के नाम पर घोषणाएं करके वोट लेने का साधन नहीं, बल्कि आस्था का विषय है। इसलिए आज के कार्यक्रम का नाम भी गौ सेवा सम्मान समारोह दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषियों ने अनादिकाल से यह उद्घोष किया हुआ है कि गौ माता पूरे विश्व की माता है। चाहे पर्यावरण शुद्धि की बात हो या राष्ट्रीय गौरव की बात हो या आर्थिक समृद्धि की भी बात हो, हर दृष्टि से गौमाता एक समाधान है। उन्होंने कहा कि अनेक गौभक्त बेसहारा गोवंश को उचित सम्मान दे रहे हैं और साथ ही पंचगव्य के माध्यम से अनेक उत्पाद बनाकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त करते हुए गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का ये आयोजन एक माध्यम बनेगा हरियाणा को देश का ऐसा प्रथम राज्य बनाने के लिए, जहाँ गोवंश बेसहारा सड़कों पर नहीं दिखाई देगा।
भाजपा सरकार ने गोवंश के लिए लगातार बढ़ाया बजट- श्रवण गर्ग
समारोह में हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्रवण गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार गोवंश के संरक्षण के लिए अनेक कार्य कर रही है। आज हरियाणा में 683 गौशाला रजिस्टर्ड हैं, जिनमें लगभग 4.50 लाख गोवंश की देखभाल की जा रही है। जबकि वर्ष 2013-14 में जब कांग्रेस सरकार थी, उस समय प्रदेश में केवल 215 की गौशालाएं पंजीकृत थी, जिनमें 1.75 लाख गौवंश था। पिछले 10 सालों में लगातार बेसहारा गौवंश को पकड़कर गौशालाओं में रखा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में गौशालाओं के लिए केवल 2 करोड़ रुपये का ही बजट था, जबकि पिछले 10 सालों में भाजपा सरकार ने बजट को बढ़ाते हुए 510 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गौवंश को जल्द से जल्द गौशालाओं में रखा जाएगा और हरियाणा को बेसहारा गोवंश से मुक्त बनाया जाएगा।
समारोह में विधायक श्री रणधीर पनिहार, पंचकूला के मेयर श्री कुलभूषण गोयल, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन श्री धर्मवीर मिर्जापुर, हरियाणा गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री पूरणमल यादव और मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
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