विधानसभा चुनाव 2017 में सुजानपुर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे राजेंद्र राणा ने भाजपा प्रत्याशी और मुख्यमंत्री के चेहरा रहे पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को हराया था
शिमला. सियासत में सब कुछ संभव है, कौन, कब दुश्मन बन जाए और कब दोस्त, यह नहीं कहा जा सकता। यह सब अब हिमाचल के सियासी मैदान में नजर आ रहा है। यह नजारा देखने को तब मिला जब पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के पटलांदर में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा के साथ प्रचार में दिखे। प्रेम कुमार धूमल उसी राजेंद्र राणा को जिताने के लिए वोट मांग रहे हैं, जिन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट से भाजपा उम्मीदवार के रुप में मैदान में उतरे प्रेम कुमार धूमल को हराया था। 2017 विधानसभा चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भाजपा के मुख्यमंत्री के चेहरे थे। इसके बाद भी चुनाव हार गए और मुख्यमंत्री नहीं बन सके। आज 6 साल बाद सियासत का खेल ऐसा चला कि राजेंद्र राणा सुजानपुर में होने वाले उपचुनावों में भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं और प्रेम कुमार धूमल और उनके पुत्र केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर सुजानपुर से भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा को जिताने के लिए वोट मांग रहे हैं।
सब जानते हैं कि राजेंद्र राणा ने प्रेम कुमार धूमल के आशीर्वाद से ही राजनीति में कदम रखा। जब धूमल प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब राणा को मीडिया एडवारइजर की कुर्सी दी थी। आगे विधानसभा चुनाव हुए तो सुजानपुर से राजेंद्र राणा को टिकट नहीं मिला और राणा आजाद उम्मीदवार के रुप में मैदान में उतरे और जीते। इसके बाद राणा कांग्रेस के साथ चलते रहे। लोकसभा चुनावों से ठीक पहले राजेंद्र राणा कांग्रेस में शामिल हो गए और कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनावों में अनुराग ठाकुर के खिलाफ उतरे। राणा को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद विधानसभा चुनावों में राणा कांग्रेस के टिकट से उतरे और भाजपा उम्मीदवार के रुप में प्रेम कुमार धूमल को पराजित करने में कामयाब रहे। 2022 में राणा फिर कांग्रेस से विधायक बने लेकिन सरकार में मंत्री पद की दावेदारी करते रहे लेकिन मंत्री नही बन पाए। कांग्रेस सरकार के बगावत कर अब भाजपा में शामिल हो गए और उपचुनाव में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। राणा भाजपा की टिकट से सुजानपुर विधानसभा का उपचुनाव लड़ रहे हैं और लोकसभा का चुनाव हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से अनुराग ठाकुर लड़ रहे हैं। सवाल भाजपा का है तो पार्टी लाइन से हटकर चलना ही पड़ेगा। इस कारण प्रेम कुमार धूमल अब राजेंद्र राणा को जिताने के लिए प्रचार में उतरे हैं।
पटलांदर में हुए कार्यक्रम का प्रेस नोट राजेंद्र राणा की ओर से जारी किया गया है। जिसमें लिखा है कि धूमल ने कहा कि जिनको भी पार्टी ने कमल का निशान चिन्ह दिया है, मेरा आशीर्वाद उनके साथ है। इसके मायने क्या हैं, आप लगाएं और जारी प्रेस नोट को पढ़े।
पटलांदर में प्रेम कुमार धूमल के समक्ष 196 कांग्रेसी कार्यकर्ता भाजपा में शामिल.
धूमल बोले – जिनको पार्टी ने कमल का चिन्ह दिया, मेरा आशीर्वाद उनके साथ
सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के पटलांदर में आज सुजानपुर भाजपा मंडल अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने विशेष रूप से शिरकत की और और कहा कि भाजपा को आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहलवाने का गौरव हासिल है और पार्टी की ओर से चुनावों में जिनको भी कमल का चिन्ह मिला है. उनका आशीर्वाद उन उम्मीदवारो के साथ है. उन्होंने लोकसभा चुनाव में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर और सुजानपुर उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी राजेंद्र राणा के पक्ष में बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील इस कार्यक्रम में की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की साख पूरे विश्व में बड़ी है और भारत बड़ी तेजी से विश्व की एक बड़ी शक्ति बनने की और अग्रसर है.कार्यक्रम को पूर्व विधायक व सुजानपुर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सिर्फ एक सैलानी की तरह ही हमीरपुर जिला में आते हैं और वह शिमला का मोह नहीं छोड़ पाते. सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र को भी उन्होंने विकास के मामले में हाशिए पर धकेलने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार सिर्फ मित्रों की सरकार बन कर रह गई है और मित्रों पर ही खजाना लुटाया जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के समक्ष 196 कांग्रेसी कार्यकर्ता जिनमें कई बूथ अध्यक्ष भी थे, ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की.
Chief Minister inaugurates and lay foundation stones worth Rs. 32 crore
BJP should tell whether it supports State’s RDG plan: CM
भाजपा नेता राजेंद्र राणा में सीएम ऑफिस में सलाहकारों, ओएसडी और रिटायरियों की भर्ती पर उठाए सवाल
BJP leaders in dilemma, failed to clarify stand on RDG: Chief Minister
CM directs retention of Lien to protect promotion avenues of CBSE Teachers
State Interest is Supreme; Congress Cannot Shift Its Financial Mismanagement Burden onto the Centre” — Dr. Rajeev Bindal