Sunil Sharma Bittu: Strategy to reach the Assembly from the seat of power
संदीप उपाध्याय
शिमला. कांग्रेस के सिपाही सुनील शर्मा बिट्टू सत्ता की कुर्सी से विधानसभा पहुंचने की रणनीति पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनैतिक सलाहकार की कुर्सी बिट्टू की सियायत को अब विधानसभा तक पहुंचा सकती है। हमीरपुर विधानसभा में तीन दशक से पार्टी को मजबूत करने वाले बिट्टू को अब अपनी सियासी जमीन मजबूत नजर आ रही है। हमीरपुर विधानसभा के सियासी समीकरण भी अब बिट्टू को टिकट हासिल करने के पक्ष में दिख रहे हैं। सत्ता में कैबिनेट रैंक की कुर्सी पर बैठने के बाद बिट्टू ने अपना सियासी निशाना हमीरपुर को ही बना लिया है। बिट्टू ने सरकारी सिस्टम का पूरा फायदा हमीरपुर में विकास के लिए उठाया। बिट्टू के हमीरपुर में फोकस होने से विकास भी हुए, जनता की समस्याओं का समाधान भी हुआ। अब ऐसा तय माना जा रहा है कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में बिट्टू ही मैदान में होंगे। मुख्यमंत्री का जिला होने ने बिट्टू को मुख्यमंत्री की प्रभाव का भी फायदा मिलेगा।
सुनील शर्मा बिट्टू गत तीन दशक से कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही के रुप में काम कर रहे हैं। संगठन में कार्य करते हुए विधानसभा से लेकर लोकसभा की टिकट की दावेदारी करते रहे, लेकिन समीकरण उनके पक्ष में नहीं बन पाए। वह संगठन को मजबूत करने के लिए डटे रहे। वह हमीरपुर जिले की सियासत में शुरुआत से ही ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ रहे। सुक्खू मुख्यमंत्री बने तो सबसे पहली ताजपोशी राजनैतिक सलाहकार के रुप में बिट्टू की ही हुई। मुख्यमंत्री के बहुत ही करीबी होने के कारण तय माना जा रहा है कि अब टिकट बिट्टू को ही मिलेगा। मुख्यमंत्री के जिले में वह जिसे चाहेंगे, उसे ही टिकट मिलेगा।
हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के सियासी समीकरण भी ऐसे हैं कि अब बिट्टू को खाली जगह नजर आ रही हे। पुराने नेता कुलदीप पठानिया अब दावेदारों में नहीं गिने जाते। वह कई बार चुनाव लड़ चुके हैं और हार चुके हैं। गत दो विधानसभा चुनावों में पार्टी ने पुष्पेंद्र वर्मा को उम्मीदवार बनाया, वह भी जीत दर्ज नहीं कर पाए। हमीरपुर में हुए उपचुनाव में पुष्पेद्र वर्मा मैदान में उतरे लेकिन हार गए। उपचुनाव में हमेशा परिणाम सत्ता पक्ष की ओर आने की उम्मीद होती है, लेकिन मुख्यमंत्री के जिले में ही वर्मा हार गए। जिससे अब नए चेहरे के रुप में बिट्टू मैदान में नजर आ रहे हैं।
बिट्टू लगातार हमीरपुर क्षेत्र में जनत के बीच जा रहे हैं। वह टिकट की दावेदारी और उम्मीदवारी की बात नहीं करते, वह सरकार की योजनाओं का प्रचार जनता के बीच करते हैं। जनता की समस्याएं सुनते हैं और मुख्यमंत्री से उनका समाधान कराते हैं। शहर में होने वाले हर सरकारी, सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रियता से अपनी हाजिरी लगाते हैं। क्षेत्र के सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं को भी शिमला में अपने कार्यालय से हल करते हैं। बिट्टू पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच साफ कहते हैं कि वह टिकट के लिए काम नहीं करते, सरकार से जो जिम्मेदारी मिलती है, उसे पूरा करने का काम करते हैं। इस तरह बिना दावेदारी के बिट्टू सियासी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। जिससे सरकार के विकास कार्यों के दम पर जनता का भरोसा जीत सकें और विधानसभा में दस्तक दे सकें।
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