संदीप उपाध्याय
शिमला. कांग्रेस सत्ता और संगठन में उठापटक की चर्चाओं के बीच प्रदेश की सियासत गरम हो गई है। सरकार में जहां मंत्रीमंडल विस्तार की चर्चा हो रही है तो संगठन में भी बदलाव की खबरें छन-छन कर आ रही हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे से अटकलें और तेज हो रही हैं। दिल्ली में सुक्खू ने प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला से मुलाकात की तो प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने भी दिल्ली में मुख्यमंत्री सुक्खू से मुलाकात की। मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष दोनों की दिल्ली में होने से चर्चाओं और अटकलों का बाजार गर्म हो गया। इसी बीच लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सोशल मीडिया में की गई पोस्ट ने सियासत में गर्मी पैदा कर दी हैं। विक्रमादित्य लिखते हैं कि कैबिनेट रैंक हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता है, लोगों के दिलों में नंबर वन रैंक हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इसके साथ ही विक्रमादित्य लिखते हैं कि पदों की पीछे भागना हमारे खून और फितरत में नहीं है। इन पोस्टों ने सियासत में सत्ता और संगठन में चल रही अटकलों को मजबूती दी है। मंत्री बनने के बाद विक्रमादित्य ने शायद पहली बार ऐसी पोस्ट शेयर की हैं, जिसकी लगता है कि कहीं पदों को लेकर खींचतान चल रही है।
शिमला नगर निगम चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कद बढ़ा है। पूरा चुनाव सुक्खू के नाम से लड़ा गया। जीत के बाद मुख्यमंत्री ने ही दाबा किया कि जनता से सरकार के 5 माह के कार्य पर मुहर लगाई है। कांग्रेस के सभी नेताओं ने निगम चुनावों में मिली जीत का सेहरा मुख्यमंत्री सुक्खू क सिर पर सजाया है। राजधानी के निगम की जीत से उत्साहित कांग्रेस अब मिशन 2024 की रणनीति पर कार्य कर रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह मंडी से सांसद भी हैं। यह तय ही है कि 2024 में प्रतिभा सिंह ही मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी होंगी। जिससे यह संभावना है कि प्रतिभा सिंह को अपने संसदीय क्षेत्र में अधिक समय देने के लिए प्रदेशाध्यक्ष पद से मुक्त करने की रणनीति पर कांग्रेस कार्य कर रही हो। कांग्रेस नेता लोकसभा चुनाव में विजय पताका लहराने की लिए संगठन की कमान किसी नए चेहरे को सौंपने की तैयारी में हो। जिससे नया प्रदेशाध्यक्ष प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर संगठन का मजबूत करने के साथ प्रचार की कमान भी संभाल सके। यह तो तय है कि लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस प्रदेश सरकार की की उपलब्धियों को जनता के सामने रखेगी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रचार की कमान संभालेंगे। मुख्यमंत्री होने के नाते ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कंधों पर ही चुनाव में जीत दिलाने की जिम्मेदारी होगी। जिससे सुक्खू की चाहत होगी कि वह प्रदेशाध्यक्ष भी अपनी पसंद का बनाएं, जिससे सत्ता और संगठन मिलकर बेहतर काम करें और लोकसभा चुनावों में पार्टी को बेहतर प्रदर्शन हो। सियासत में अटकलों और संभावनाओं को खेल चलता रहा है। मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष दोनों दिल्ली में हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश प्रभारी से मुलाकात कर रहे हैं तो चर्चाएं तेज हो रही हैं। सरकार में अभी तीन मंत्रियों के पद खाली हैं तो उनके नाम फाइनल होने की बातें भी हो रहीं हैं तो संगठन में बदलाव की चर्चाएं भी हैं। इसी बीच सरकार के मंत्री विक्रमादित्य कैबिनेट रैंक मायने नहीं रखता और किसी पद की लालसा न होने की बात कर रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बेटे हैं, जिससे सियासत में चर्चाएं गंभीर रुप ले रही हैं। अब देखना है कि सरकार में क्या होता है और संगठन में क्या होने जा रहा है। यह समय आने पर ही पता चलेगा। संभावना है कि मई महीने में ही सत्ता और संगठन में उठापटक हो सकती है।

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