शिमला. पांच साल के लिए चुने गए निर्दलीय विधायकों के 15 महीन बाद ही इस्तीफा देने से प्रदेश की तीन विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव घोषित हो गए हैं। जिसमें कांगड़ा जिले की देहरा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव होंगे। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद ही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देहरा की जनता के काम करने के लिए नरदेव कंवर को जिम्मेदारी सौंप दी थी। मुख्यमंत्री के आदेश पर नरदेव कंवर 15 महीने से लगातार देहरा क्षेत्र की जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। अब अचानक निर्दलीय विधायक के इस्तीफा देने से देहरा में उपचुनाव हो रहे हैं, जिससे तय है कि देहरा के चुनावी मैदान में कांग्रेस पार्टी नरदेव कंवर को जिताऊ उम्मीदवार के रुप में देख रही है।
कांग्रेस नेता नरदेव कंवर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के शागिर्द हैं। वही सुक्खू के साथ कंधा से कंधा मिलाकर गत तीस वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे हैं। नरदेव कंवर ने एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर रहकर संगठन को मजबूत करने का काम किया है। नरदेव कंवर ने 1988 में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़कर अपना राजनैतिक सफर शुरु किया था। इसके बाद लगातार एनएसयूआई में जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक के पदों पर रहकर काम किया। वह 1999 में यूथ कांग्रेस के सचिव बने और फिर 2003 में युवा कांग्रेस के महासचिव रहे हैं। इस दौरान वह कई जिलों में प्रभारी का दायित्व निभाकर संगठन को मजबूत करते रहे हैं। नरदेव कंवर 2015 से 2018 तक जिला कांग्रेस कमेटी देहरा के अध्यक्ष भी रहे हैं। इस तरह कांग्रेस पार्टी के हर संगठन में नरदेव कंवर में जिम्मेदारी के साथ संगठन को मजबूत करने का काम किया है।
कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही संगठन में वफादार, कर्मठ कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताकर टिकट देती रही है। अभी हाल ही में हुए उपचुनावों में कांग्रेस पार्टी ने कुटलैहड़, गगरेट, लाहौल स्फीति विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताकर टिकट दिया है। जिसमें कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों को जीत भी मिली है। इसी तरह कांग्रेस पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता नरदेव कंवर का देहरा से चुनाव मैदान में उतरना तय माना जा रहा है। सच बात भी यही है कि देहरा में कांग्रेस पार्टी में जिताऊ उम्मीदवार के रुप में कोई नेता नजर नहीं आ रहा है। देहरा में लंबे समय से कांग्रेस पार्टी चुनाव हार रही है। जिससे अब ईमानदार, युवा और नए चेहरे के रुप में नरदेव कंवर को प्रत्याशी बनाने पर मंथन हो रहा है।
नरदेव कंवर ने प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद गत 15 महीनों में देहरा में अपनी सियासी जमीन को बहुत मजबूत किया है। वह लगातार देहरा क्षेत्र की जनता से संपर्क करते रहे और उनकी समस्याओं का समाधान करते रहे। हाल ही में हुए लोकसभा के चुनावों में नरदेव कंवर ने दो बड़ी रैलियां कराकर साबित किया है कि देहरा की जनता का साथ उनका मिल रहा है। नरदेव कंवर की मेहनत और समर्पण को देखकर ही कांग्रेस पार्टी उनको अपना उम्मीदवार बनाने पर मंथन कर रही है।
देहरा से चुनाव लड़ने के बारे में जब नरदेव कंवर से बात की तो उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के आदेश पर गत 15 महीनों से देहरा के लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं। देहरा में तो अभी कोई चुनाव होने नहीं थे, पांच साल बाद ही होने थे। जनता ने निर्दलीय विधायक को पांच साल के लिए चुना था, लेकिन वह 14 महीने वाद ही पद से इस्तीफा दे गए। जिससे अब उपचुनाव हो रहे हैं। नरदेव कंवर कहते हैं मैं गत 34 वर्षों से कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के साथ जुड़ा हूं। पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया है। पार्टी हाईकमान का जो आदेश होगा, उसका पालन करते हुए काम करुंगा।
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