संदीप उपाध्याय
शिमला. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बाढ़ पीड़ितों के दर्द साझा करनके घर द्वार तक पहुंच रहे हैं। जहां पर भी बाढ़ से नुकसान की खबरें आ रहीं हैं, सुक्खू तत्काल पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावितों को तत्काल मदद पहुंचा रहे हैं। सिरमौर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे के समय सुक्खू पूरी तरह नायक भी भूमिका में नजर आए। वहां पर बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत देने का आदेश दिया। बाढ़ प्रभावितों से मिलने के दौरान सुक्खू ने पूछा कि आपका कितना नुकसान हुआ है। एक महिला ने कहा कि मेरा मकान पूरा गिर गया है। सुक्खू ने पूछा कि आपको कितनी मदद मिली है। महिला ने कहा कि अभी तक कुछ नहीं मिला। सुक्खू ने तत्काल पूछा कि यहां के तहसीलदार और पटवारी कहां हैं और अधिकारियों को तत्काल आदेश दिए कि इनके खाते में तत्काल 1-1 लाख रुपए आरटीजीएस कराओ। इस तरह सुक्खू ने सभी बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत देने के आदेश दिए। इसी तरह सुक्खू ने सिरमौर जिले के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को दौरा कर अधिकारियों को तत्काल राहत पहुंचाने के आदेश दिए। सुकखू के ऑन दा स्पॉट फैसला लेने की निर्णय पर लोगों को अनिल कपूर की फिल्म नायक याद आई। जिसमें अनिल कपूर एक दिन के मुख्यमंत्री बनते हैं और सभी जगह का दौरा कर ऑन दा स्पॉट फैसला लेते हैं। इसी तरह सुक्खू भी नायक की भूमिका में नजर आए।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सिरमौर जिला के तीन विधानसभा क्षेत्रों पावंटा साहिब, शिलाई तथा नाहन के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इस बार की बरसात प्रदेश के हजारों परिवारों को गहरे घाव दे गई है और प्रदेश सरकार प्रभावितों की हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने बादल फटने की घटना, बाढ़ व भूस्खलन के कारण प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर वहां हुई क्षति का जायज़ा लिया। मुख्यमंत्री ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र के अंबौण में गत दिनों भारी बाढ़ की चपेट में आए 22 मकानों के प्रभावित प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की फसलें खराब हुई हैं, प्रदेश सरकार उन्हें भी उपयुक्त मुआवज़ा प्रदान करेगी। बरसात में अपने आशियाने तथा खेत-खलियान पूरी तरह से खो चुके परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में व्यापक चर्चा के उपरांत एक नीति बनाई जाएगी ताकि सरकार अपने संसाधनों से ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था कर सके। उन्होंने कहा कि पावंटा-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग के कच्ची ढांक में एक बड़े पुल का निर्माण किया जाएगा जिससे राजमार्ग पर बार-बार मलबा गिरने से यातायात बाधित होने की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अभी तक प्रदेश में निजी व सरकारी संपत्ति को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है और इसकी भरपाई में समय लगेगा। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में प्रत्येक प्रभावित के साथ है। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवज़े के साथ ही जिन मकानों में सिल्ट आई है, उन्हें भी आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पशुधन की मौत पर बढ़े हुए मुआवज़े का भी प्रावधान किया गया है।
आपदा में अपने परिवार को खो चुके विनोद कुमार को सांत्वना देने मुख्यमंत्री उनके घर पहुंचे। सिरमौरी ताल में आई भयंकर बाढ़ के कारण विनोद का परिवार मकान सहित दब गया था और इसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने विनोद कुमार व अन्य परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में पहुंचकर सिरमौरी ताल में बेघर हुए 17 परिवारों से भी संवाद किया और प्रशासन को इन परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री नाहन विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कंडईवाला भी पहुंचे। इस क्षेत्र में लगभग डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र बादल फटने के कारण आई बाढ़ से प्रभावित हुआ है जिसमें मकानों समेत लोगों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को सड़क के दोनों ओर से मलबा तुरंत हटाने तथा सड़क में कलवर्ट और नालियां बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बाढ़ में बहने से मृत्यु को प्राप्त इमरान तथा बिंदरो देवी के परिजनों से भी मिले और दोनों के परिवारों को 3.75 लाख रुपये प्रत्येक के चेक प्रदान किए।
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