संदीप उपाध्याय
शिमला. देश की सियासत में कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम देने का मुद्दा अहम हो गया है। ओपीएस का मुद्दा कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और भाजपा से छीन लिया है। जिससे अब कांग्रेस की चुनावी सियासत का केंद्र बिंदु ओपीएस ही हो गया है। हिमाचल के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू कर दी है और सभी मापदंड तय हो गए हैं। जिससे प्रदेश के कर्मचारियों ने सुक्खू की ओपीएस पर मुहर लगाकर आभार रैली कर दी है। धर्मशाला में आयोजित ओपीएस की आभार रैली को कर्मचारियों ने यादगार बना दिया है। लाखों की संख्या में उमड़े कर्मचारी और प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री सुक्खू को सियासत का राष्ट्रीय हीरो बना दिया है। अब आगे होने वाले प्रदेश के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों में ओपीएस अहम मुद्दा होगा और मुख्यमंत्री सुक्खू स्टार प्रचारक की सूची में नंबर वन होकर ओपीएस के हीरो की तरह जनता के सामने पेश होंगे। हिमाचल में कांग्रेस सरकार बनने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों से किया गया ओपीएस देने का चुनावी वायदा निभाया और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी को सियासी संजीवनी प्रदान की है। जिससे सुक्खू का सियासी कद भी कांग्रेस की सियासत में बढ़ गया है।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान ओपीएस लागू करने की मांग कर रहे कर्मचारियों से वायदा किया था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में ओपीएस लागू करने का फैसला लिया जाएगा। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने पहली कैबिनेट में ओपीएस लागू करने का फैसला लिया। तमाम आर्थिक और तकनीकी अड़चनों के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू पीछे नहीं हटे और ओल्ड पेंशन स्कीम की एसओपी भी जारी कर दी। जिससे प्रदेश के सभी कर्मचारी खुश हुए। हिमाचल के चुनावों में ओपीएस का फायदा होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक के चुनावों में भी कर्मचारियों को ओपीएस देने का वायदा किया। कर्नाटक के चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी ओपीएस के हीरो के रुप में प्रचार किया। कर्नाटक के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली। सुक्खू के कर्नाटक दौरे के दौरान वहां के ओपीएस की मांग कर रहे कर्मचारियों ने भी सुक्खू का स्वागत कर मुलाकात की। अब सुक्खू ने ओपीएस को लेकर ही तेलंगाना में अपना प्रचार शुरु किया है। तेलंगाना में भी विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। तेलंगाना कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के साथ हुई रैली में मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रचार में भाग लिया। इस तरह सुक्खू ने ओपीएस लागू कर कांग्रेस को सियासी संजीवनी प्रदान की है। जिससे अब राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को ओपीएस का बड़ा मुद्दा हाथ में आया है। जिसका तोड़ भाजपा नहीं निकाल पा रही है। कांग्रेस के ओपीएस के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुक्खू का अहम रोल है। इसका कारण है कि सुक्खू ने हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद वायदे के अनुसार पहली कैबिनेट में ओपीएस लागू करने का फैसला लिया और प्रदेश के कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू कर दी। मुख्यमंत्री का ओपीएस लागू करने पर आभार प्रकट करने के लिए कर्मचारियों ने ऐतिहासिक रैली की, जिसकी गूंज पूरे देश के कर्मचारियों तक पहुंचेगी और कांग्रेस पार्टी को देश भर में चुनावों फायदा मिलेगा।
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