सोशल मीडिया में ऑडियो वायरल, आरोपों की लगी झड़ी
शिमला . हिमाचल प्रदेश में दो विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए प्रस्तावित उपचुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की फूट एक बार फिर उजागर हो गई है। महिला मोर्चा के पदाधिकारियों के बीच की लड़ाई अब बंद कमरों की बैठकों से निकलकर सड़कों पर आ गई है। मोर्चा की महिला पदाधिकारियों के बीच हुई लड़ाई का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। पिछले दिनों में महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष की मौजूदगी में घटित विवादों ने जगजाहिर कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह रार और बढ़ने वाली है। महिला मोर्चा के बीच चल रहे इस घमासान की सूचना पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष, संगठन मंत्री और मुख्यमंत्री तक है, बावजूद इसके इस शीतयुद्ध नहीं रुक पा रहा है। महिला मोर्चा पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की सियासत तेज होती जा रही है, नतीजतन ऑफिस वियर्रस से लेकर पदाधिकारी तक या तो खुद इस्तीफे सौंप रहे हैं, अथवा उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
मंडी की बैठक का ताज़ा प्रसंग
सूत्रों के मुताबिक़ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी में मंगलवार को आयोजित महिला मोर्चा की बैठक में जिला के पदाधिकारियों के अलावा सभी पांचों मंडलों के पदाधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन इन पदाधिकारियों को मंच से बोलने का मौक़ा नहीं दिया गया। इसके बाद मंच से एक पदाधिकारी के बोलने पर दूसरे पदाधिकारी ने प्रदेशाध्यक्ष से आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
कुल्लू जिला महिला मोर्चा की बैठक प्रदेशाध्यक्ष रश्मिधर सूद की अध्यक्षता में हुई। सूत्र बताते हैं कि इस बैठक के बाद जब प्रदेश महिला मोर्चा आईटी सैल की पदाधिकारी जब प्रदेशाध्यक्ष रश्मिधर सूद से बात कर रही थी तो दो महिला पदाधिकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। इस विवाद की लिखित शिकायत प्रदेश अध्यक्ष रश्मिधर सूद से की, लेकिन प्रदेश स्तर के दो पदाधिकारियों के बीच शुरू हुए बबाल को रोकने की कोई पहल नहीं हुई। सनद रहे कि पूर्व में कुल्लू में महिला मोर्चा के आपसी संघर्ष के चलते ऑडियो वायरल होने के मामले में पुलिस में मामला तक दर्ज हो चुका है और संगठन की अनुशासनात्मक कारवाई तक हो चुकी है।
मार्च माह में प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक ऊना जिला के चिंतपूर्णी में आयोजित हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी उपस्थित हुए थे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में हुए थप्पड़ काण्ड की गूंज संगठन के शीर्ष अधिकारियों के कानों तक पहुंची थी। आरोप लगा था कि बैठक में शामिल एक पदाधिकारी को थप्पड़ रसीद कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण में ऊना जिला महिला मोर्चा ने संगठन मंत्री पवन राणा और प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के समुख विरोध दर्ज करवाया था।
बिखरने लगा भाजपा महिला मोर्चा
वर्तमान राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी जब प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष थी, उस काल को महिला मोर्चा का स्वर्णकाल कहा जाता है। उस दौरान महिला मोर्चा ने प्रदेश के ग्रामीण स्तर तक विस्तार किया था। सूत्रों के अनुसार जब से रश्मिधर सूद की अध्यक्ष पद पर तैनाती हुई है, तब से महिला मोर्चा के पदाधिकारियों की आपसी फूट के चलते कई पदाधिकारी या तो महिला मोर्चा को छोड़ चुके हैं तो कईयों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
शिकायतों का दौर शुरू, जुबां पर ताले
बताया जा रहा है कि मंडी और कुल्लू में हुए ताज़ा प्रकरणों के बाद शिकायतों का दौर शुरू हो चुका है। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष, मुख्यमंत्री और संगठन मंत्री तक इन मामलों की शिकायत पहुँच चुकी है, पर इन मामलों में मीडिया से बात करने में महिला मोर्चा के पदाधिकारी गुरेज कर रहे हैं।
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