पंजाब के राज्यपाल द्वारा पंजाब से नशे की समस्या को खत्म करने हेतु धर्म गुरुओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों के साथ विस्तृत चर्चा
पंजाब राजभवन द्वारा प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, किसानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लेखकों के सहयोग से किया गया कार्यक्रम का आयोजन
सिविल सोसायटी द्वारा पांच नदियों की भूमि से नशे को जड़ से खत्म करने हेतु समन्वित और एकजुट दृष्टिकोण की वकालत
आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षण के साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सशक्त बनाने के अलावा स्कूल स्तर पर नैतिक मूल्य आधारित शिक्षा पर दिया गया जोर
चंडीगढ़, 12 जनवरीः
पंजाब राजभवन ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें धर्म गुरु, शिक्षाविद, उद्योगपति, कृषि विशेषज्ञ, प्रगतिशील किसान, वैज्ञानिक, पूर्व खिलाड़ी, वरिष्ठ अधिवक्ता, कलाकार, लोक गायक, लेखक, डॉक्टर और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित हितधारकों के विविध समूह की एक व्यापक भागीदारी देखने को मिल।
चंडीगढ़ स्थित पंजाब राजभवन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने की, जिन्होंने राज्य की भावी पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ एकजुट और निरंतर जंग की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए राज्यपाल कटारिया ने बढ़ती मादक पदार्थों की समस्या, विशेष रूप से सिंथेटिक नशे के प्रसार पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जो युवाओं को अपूरणीय क्षति पहुंचा रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि मादक पदार्थों की लत कभी सामाजिक रूप से अस्वीकार्य माने जाने वाले प्राकृतिक पदार्थों के उपयोग से विकसित हुई है, जो आर्थिक लाभ की तलाश में असामाजिक तत्वों द्वारा संचालित एक व्यापक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बन गया है, जो युवाओं को विनाश के रास्ते पर ले जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या केवल पंजाब तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय संकट बन गई है, जिसका उत्तरी राज्य असमान रूप से प्रभावित हैं। उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह देश में मादक पदार्थों की बाढ़ लाकर भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ रहा है, जिससे उसके युवा वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है और उसका सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है।
राज्यपाल ने महान सामाजिक कल्याण के लिए अपने माता-पिता और चार बेटों को कुर्बान करने वाले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बलिदानों का हवाला देते हुए सभी से ऐसे महान उदाहरणों से प्रेरणा लेने और मादक पदार्थों की बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने एक अच्छी तरह से समन्वित तरीके से सामूहिक कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया और समाज के हर वर्ग को शामिल करते हुए एक बहुआयामी रणनीति बनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल कटारिया ने धर्म गुरुओं से नशे के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने की विशेष अपील की। अपने अनुयायियों पर उनके प्रभाव को उजागर करते हुए उन्होंने उनसे जमीनी स्तर पर अभियान शुरू करने, धार्मिक समागमों के दौरान अपने मंचों का उपयोग करने और अपने प्रवचनों में नशा विरोधी संदेशों को शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सक्रिय भागीदारी समाज में एक परिवर्तनकारी प्रभाव और आमूलचूल परिवर्तन ला सकती है।
राज्यपाल ने इस उद्देश्य के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई और संवाद के दौरान चर्चा किए गए कार्रवाई योग्य समाधानों को लागू करने में पंजाब राजभवन से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी से इस लड़ाई को भावी पीढ़ियों के अस्तित्व और समृद्धि के लिए युद्ध के रूप में लेने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने नशे के खिलाफ लड़ाई में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अनुवर्ती बैठकें और कार्यक्रम आयोजित करने की योजना की भी घोषणा की। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं और सामुदायिक नेताओं से पड़ोस स्तर की पहल आयोजित करने और नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवारों को शामिल करने का आह्वान भी किया।
पंजाब में मादक पदार्थों के संवेदनशील मुद्दे पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए, राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू ने इस महत्वपूर्ण चर्चा में उनकी सक्रिय भागीदारी और सार्थक योगदान के लिए सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने बहुमूल्य अंतर्दृष्टि और विविध दृष्टिकोण प्रदान किए हैं, मादक पदार्थों की लत के मूल कारणों की हमारी समझ को गहरा किया है और इस खतरे से निपटने के लिए कार्रवाई योग्य समाधानों की खोज की है।
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