माता-पिता और शैक्षणिक संस्थानों को नशे के खिलाफ संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए- राज्यपाल कटारिया
पंजाब राज भवन द्वारा पंजाब के शिक्षाविदों के साथ नशा रोकथाम पर एक संवाद सत्र का आयोजन
चंडीगढ़, 9 जनवरीः पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में, जोशी फाउंडेशन, खन्ना फाउंडेशन, ग्रेवाल फाउंडेशन और संपला फाउंडेशन के सहयोग से पंजाब के शिक्षाविदों के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता पर पंजाब राज भवन में एक संवाद सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 विश्वविद्यालयों, स्कूलों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षाविदों ने अपने विचार साझा किए और पंजाब में नशे की समस्या का प्रभावी समाधान निकालने हेतु पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया। शिक्षाविदों ने राज्यपाल को अपने परिसरों में आयोजित विभिन्न जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी, जिनके परिणामस्वरूप युवाओं में नशे की लत में कमी देखने के मिली है।
अपने संबोधन में पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने नशे की समस्या को एक गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक क्षेत्रीय समस्या नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकट बन चुकी है, जो विशेष रूप से पंजाब में गंभीर चिंता का कारण बन गई है। उन्होंने कहा, ‘‘नशे के खिलाफ यह युद्ध केवल समाज के सभी वर्गों, जिनमें सरकार, सामाजिक संगठनों, शैक्षिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों का संयुक्त प्रयास शामिल है, के माध्यम से ही जीता जा सकता है। कानूनों का कार्यान्वन महत्वपूर्ण है, लेकिन केवल इसके द्वारा ही समस्या का समाधान नहीं हो सकता। समाज के सभी वर्गों में भी जागरूकता फैलाना महत्वपूर्ण है।’’
राज्यपाल ने नशे की लत के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए आधुनिक संचार उपकरणों, जैसे कि सोशल मीडिया, के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस सामाजिक बुराई के खिलाफ सामूहिक प्रतिक्रिया उत्पन्न करने के लिए सार्वजनिक मार्च और सामुदायिक अभियान आयोजित किए जाने चाहिए।
राज्यपाल कटारिया ने वर्तमान में सिंथेटिक ड्रग्स की लहर से उत्पन्न विशिष्ट चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उन्हें पारंपरिक नशीले पदार्थों से कहीं अधिक खतरनाक और घातक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह अब असामाजिक और राष्ट्र विरोधी तत्वों के लिए एक लाभकारी कारोबार बन चुका है, जिससे इस समस्या से निपटने के लिए एक केंद्रीकृत और एकजुट दृष्टिकोण की आवश्यकता और भी अधिक हो गई है।
परिवारों और शैक्षिक संस्थानों की अहम भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘माता-पिता और स्कूलों को इस लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। नशे के आदी व्यक्तियों को बहिष्कृत करने के बजाय, हमें उन्हें प्रेम और स्वीकृति के साथ सहयोग देना चाहिए, ताकि वे समाज में पुनः समाहित हो सकें।’’
राज्यपाल ने इस समस्या के समाधान के लिए व्यवस्थित उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि शिक्षक काउंसलिंग कार्यक्रमों की शुरुआत जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर की जानी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आग्रह किया कि वे चुनौतियों के बावजूद दृढ़ बने रहें और विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर प्रयासों से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। इसके साथ ही उन्होंने एक करूणापूर्ण और समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिसमें जागरूकता, शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रमुख व्यक्तित्वों ने अपने महत्वपूर्ण विचार प्रकट किये। विनीत जोशी फाउंडेशन के संस्थापक श्री विनीत जोशी ने विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के प्रतिभागियों का परिचय कराया और नशे की लत से निपटने के लिए व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के पूर्व राज्य मंत्री श्री विजय संपला ने नशा मुक्ति केंद्रों के प्रभावी उपयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने नशे के आदी व्यक्तियों को बहिष्कृत करने के बजाय उन्हें स्वीकारने और समर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उन्हें समाज में पुनः समाहित किया जा सके। ग्रेवाल फाउंडेशन के संस्थापक-निर्देशक श्री हरजीत सिंह ग्रेवाल ने इस पुण्य कार्य के लिए अपने पूरे समर्थन की घोषणा की। पूर्व राज्यसभा सदस्य और खन्ना फाउंडेशन के निदेशक श्री अविनाश राय खन्ना ने इस संकट को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की बात की, ताकि युवाओं को नशे के खतरों से अवगत कराया जा सके।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नशे की लत से निपटने के लिए प्रयासों को तेज करने के प्रति दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। सभी ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि जागरूकता अभियानों को और सशक्त किया जाएगा, नशा मुक्ति प्रयासों का समर्थन किया जाएगा, और मिलकर एक नशामुक्त समाज निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा। पंजाब राज भवन में यह ऐतिहासिक संवाद हमारे समय की एक प्रमुख सामाजिक चुनौती से निपटने के लिए विभिन्न संबंधित पक्षों को एकजुट करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
सुनील शर्मा बिट्टू : सत्ता की कुर्सी से विधानसभा पहुंचने की रणनीति
मुख्यमंत्री ने स्टेट अलाइड एंड हेल्थ केयर कांऊसिल की वेबसाइट का शुभारम्भ किया
HP SET EXAM 2026 apply, through “Online” mode only
HP SET GEOGRAPHY PAPER 3, 2015
HP PSC HP SET GEOGRAPHY PAPER 2, 2015
HP PSC HP SET ENGLISH PAPER 3, 2015
STATE ELIGIBILITY TEST-2026