जिनका अपना ट्रैक रिकॉर्ड खराब वे अब सत्ता से हटने पर दे रहे उपदेश
ऊना, 17 जनवरी. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को एचआरटीसी कर्मियों के वेतन ओर पेंशन अदायगी में देरी को लेकर मीडिया में दिए उनके बयान पर आड़े हाथों लेते हुए उन्हें बयानबाजी से पहले अपने गिरेबां में झांकने की नसीहत दी है। उन्होंने ऊना में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि जिनका अपना ट्रैक रिकॉर्ड खराब है वे अब सत्ता से हटने के बाद हमें उपदेश दे रहे हैं। बेहतर होता जयराम ठाकुर सत्ता में रहते एचआरटीसी की चिंता करते। उन्होंने याद दिलाया कि जयराम सरकार के 60 महीने के कार्यकाल में केवल 3 बार ही पेंशन समय पर दी गई, जबकि 57 महीने एचआरटीसी कर्मियों की पेंशन अदायगी देरी से की गई। भाजपा के शासन काल में जनवरी 2018 में पेंशन अदायगी 53 दिनों के विलंब से की गई, वहीं मार्च 2020 में 35 दिन, मार्च 2021 में 42 दिन और मई 2021 में 33 दिन देरी से पेंशन का भुगतान किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने आज दिन तक एचआरटीसी कर्मियों की पेंशन और वेतन अदायगी पूरी की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार एचआरटीसी को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। नई बसें शामिल की जा रही हैं और एचआरटीसी की आय में 65-70 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
बड़बोला कौन…जानती है प्रदेश की जनता
श्री अग्निहोत्री ने जयराम ठाकुर के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता जानती है कि बड़बोलापन कौन करता है। उन्होंने याद दिलाया कि जयराम ठाकुर ने सदन में कहा था कि भगवान भी कांग्रेस सरकार को नहीं बचा सकते, लेकिन हमारी सरकार आज भी मजबूती से काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।
उन्होंने पूर्व सबऑर्डिनेट सेलेक्शन बोर्ड के लंबित परीक्षा परिणामों को घोषित करने के विषय में बताया कि उनकी अध्यक्षता में बनी कैबिनेट सब कमेटी ने गठन के एक महीने के भीतर इसे लेकर अपनी अनुशंसा कैबिनेट को सौंप दी थी। अब इसपर पूर्ण कैैबिनेट निर्णय लेगी। उन्होंने पूछा कि जयराम यह बताएं कि आखिर यह हालात बने ही क्यों। किसके समय में पेपर बेचे गए थे, जिससे यह स्थिति बनी। उनपर जयराम सरकार ने क्या कार्रवाई की थी।
प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर जयराम ठाकुर के सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन के समय ही यह स्पष्ट था कि हमारा प्रदेश एक छोटा प्रदेश है, जहां आय के संसाधन सीमित हैं और इसे केंद्र सरकार की सहायता की आवश्कता रहेगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनके वित्तीय प्रबंधन इतने अच्छे थे, तो उनकी सरकार जाते-जाते कर्मचारियों का हजारों करोड़ रुपये का बकाया भुगतान क्यों नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के कर्मचारियों और जनता के हितों के लिए काम कर रही है ।
भाजपा के शासन काल में राजनीतिक सरपरस्ती में होता था अवैध खनन
उन्हेंने अवैध खनन पर दिए बयान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि लोग अभी भूलें नहीं हैं कि भाजपा के शासनकाल में स्वां नदी को किस कदर रौंदा गया था। राजनीतिक सरपरस्ती में हजारों टिप्पर यहां से पड़ोसी राज्यों में भेजे जाते थे। हमने इसे रोकने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। हमने अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। डीसी-एसपी फील्ड में उतर पर कार्रवाई कर रहे हैं। हमने चिट्टे पर कड़ा स्टैंड लिया है। प्रशासन को साफ निर्देश हैं कि इसमें लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा ना जाए। बीते दिन भी ऊना में 80 ग्राम चिट्टा पकड़ा गया है। पेड़ों के अवैध कटान पर भी हम सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
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