–
-चांदसौली में शुरू होगा बागवानी महाविद्यालय बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर-डॉ सुरेश मल्होत्रा
-चांदसौली के ग्रामीणों ने किया माननीय कुलपति डॉ सुरेश कुमार मल्होत्रा का स्वागत
-नारायणगढ़ में विगत दिवस आयोजित रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के उपमण्डल नारायणगढ़ के गांव चांदसौली स्थित अनुसंधान केंद्र के प्रशासनिक भवन का उदघाटन किया था तथा यहां पर बागवानी कालेज खोलने की घोषणा की थी।
-बागवानी महाविद्यालय की स्थापना से बागवानी क्षेत्र में रोजगार के असंख्य अवसरों के सृजन में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
नारायणगढ़, 22 जनवरी। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के अंतर्गत आने वाले बागवानी अनुसंधान केंद्र चांदसौली (उपमण्डल नारायणगढ़) में बागवानी महाविद्यालय शुरू होगा। महाविद्यालय शुरू होने के बाद यहां पढने वाले विद्यार्थी बेहतर विशेषज्ञ बनकर बाहर निकलेंगे। जो अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बागवानी की खेती करने वाले किसान भाईयों को बागवानी से सम्बंधित नवीनतम जानकारी देगें जिससे उनके जीवन में उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाने से बागवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट मानव संसाधन का विकास होगा ओर आर्थिक उन्नति के द्वार खुलेगें। जिससे किसान भाईयों के जीवन में आमूल चुल परिवर्तन आएगा। ये बाते महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा ने बागवानी अनुसंधान केंद्र चांदसौली का निरीक्षण करते हुए कही।
माननीय कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि बागवानी महाविद्यालय में शुरू में बीएससी (ऑनर्स) बागवानी में 30 सीट निर्धारित हैं, जो कि आईसीएआर के दिशा निर्देंशानुसार बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र के युवाओं को अपनी वरिष्ट माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद बागवानी विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा भले ही वे चिकित्सा या गैर चिकित्सा पृष्टभूमि से आते हो। स्नातक बागवानी में बैचलर ऑफ ऑनर्स अर्जित करेंगे। जिससे देशभर में विभिन्न रोजगार के अवसरों और आगे स्नातकोत्तर अध्ययन के द्वार खेलेंगे। कुलपति ने कहा कि बागवानी महाविद्यालय की स्थापना से बागवानी क्षेत्र में रोजगार के असंख्य अवसरों के सृजन में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
प्रशासनिक भवन स्मार्ट क्लास रूम से है सुज्जिजत –
माननीय कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गत दिवस महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के उपमण्डल नारायणगढ़ के गांव चांदसौली स्थित अनुसंधान केंद्र के प्रशासनिक भवन का उदघाटन किया। जो कि 13 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। प्रशासनिक भवन में क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय, सम्मेलन कक्ष, प्रशासन कार्यालय, प्रदर्शनी हॉल, स्टाफ रूम, वैज्ञानिक कक्ष (10) सामान्य प्रयोजन कक्ष (3) प्रयोगशालाएं (4) व्याख्यान कक्ष (2) स्मार्ट क्लास रूम, डिस्पेंसरी, कंम्यूटर लैब, मनोरंजन कक्ष, कैफेटेरिया, ओपन एयर थियेटर, गेस्ट हाउस शामिल है।
इन पर होगा होगा शोध
माननीय कुलपति ने कहा कि अनुसंधान केंद्र मुख्य रूप से आडू, नाशपाती, बेर, सेब, आम, लीची आदि फलों की फसलों और धनिया, मूली, मैथी, और पालक आदि सब्जियों की फसलों पर जोर दे रहा है। केंद्र अनुसंधान करके प्रौद्योगिकियों को उत्पन्न करने ओर अच्छा बीज प्रदान करने के लिए प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में किसान भाईयों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण बीजों के साथ-साथ पौधों की सामग्री भी प्रदान की जाएगी। किसान भाईयों को यहां पर प्रशिक्षण के साथ-साथ नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराई जाएगी, इसके साथ ही किसान भाईयों को गुणवत्तायुक्त पौध, बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
चांदसौली के ग्रामीणों ने किया माननीय कुलपति का भव्य स्वागत
चांदसौली के ग्रामीणों ने माननीय कुलपति डॉ सुरेश मल्होत्रा को विशेष तौर पर आंमत्रित किया। ग्रामीणों के निमंत्रण पर माननीय कुलपति ग्रामीणों के बीच पहुंचे। जहां पर ग्रामीणों ने माननीय कुलपति का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। ग्रामीणों ने माननीय कुलपति डॉ सुरेश मल्होत्रा को स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। माननीय कुलपति ने ग्रामीणों से कहा कि केंद्र में पढ़ाई के साथ अनुसंधान, प्रचार-प्रसार का काम किया जाएगा। किसानों को नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सभी से आह्वन किया कि वे अपने-अपने बच्चों को अभी से तैयारियां करवाएं ताकि उनका एडमिशन बागवानी महाविद्यालय में हो सके।
Continuous comprehensive Evaluation….Himachal Pradesh Celebrates the Power of the Right Question by Training Over 33,500 Teachers
वोकल फार लोकल है देश की मजबूती का आधार-डॉ अरविंद शर्मा
गुरु साहिब की हुजूरी में पवित्र ‘पालकी सेवा’ निभाना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात
ब्रह्मसरोवर पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की धूम!
भारत की तरक्की का सूत्रधार: संविधान, जिसने हमें दी प्रशासनिक व कानूनी शक्ति : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा को मैचिंग ग्रांट देने की घोषणा
CM Bhagwant Singh Mann’s efforts to attract investment bear fruit; South Korea steps forward to provide technological support to Punjab’s agriculture sector*
Guru Ravidas Ji’s message is as relevant today as it was 600 years back – Sukhbir Singh Badal.
CM orders launch of 4th phase of BPL identification survey from 1st February