हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर अब केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बन गए हैं। कैबिनेट मंत्री की कुर्सी में बैठने के साथ ही उनकी देश के प्रति जिम्मेदारी तो बढ़ी ही है, साथ ही हिमाचलियों की उम्मीदें भी बहुत बढ़ गई हैं। हिमाचल प्रदेश की सरकार सहित प्रदेश की जनता को उम्मीद है कि वह प्रदेश के मुद्दों को केंद्र के समक्ष पुरजोर ताकत से उठाएंगे, जिससे प्रदेश में विकास की गति और तेज होगी। सरकार को भी उम्मीद है कि अब केंद्र और राज्य के डबल इंजन की सरकार और तेजी से दौड़ेगी। अनुराग ठाकुर के युवा एवं खेल मंत्री बनने से प्रदेश के हजारों युवाओं और खिलाड़ियों की उम्मीदों को तो मानो पंख लग गए हैं। वर्षों से खेल के क्षेत्र में उपेक्षित हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा को उभारने को मौका मिलेगा। एचपीसीए के अध्यक्ष रहते हुए अनुराग ठाकुर ने हिमाचल को बहुत सौगात प्रदान की हैं, जिसमें सबसे बड़ा और खूबसूरत क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में बना है, जहां अंतर्राष्ट्रीय मैच भी खेले जा रहे हैं। अनुराग ठाकुर की खेलों में रुचि जगजाहिर है। जिससे उम्मीद यह भी है कि खेलों की क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को विशेष सौगात मिलेंगी, जो प्रदेश की युवाओं को निखारकर राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन करने का मौका देंगी। हिमाचल प्रदेश की खेल नीति में कमियों के चलते और खेल क्षेत्र में बजट के कमी के कारण ही खेलों की सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। अब प्रदेश के नए खेल मंत्री राकेश पठानिया ने नई खेल नीति बनाई है। जिसमें खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही प्रशिक्षण की सुविधाएं भी मिलेंगी। पठानिया ने खेल मंत्री का पदभार संभालते ही कांगड़ा में घोषणा की थी कि वह कांगड़ा जिले में स्पोर्टस यूनिवर्सिटी बनाएंगे। अब चूकि अनुराग ठाकुर ने केंद्र में खेल मंत्री का पद संभाल लिया है तो तय माना जा सकता है कि प्रदेश में स्पोर्टस यूनिवर्सिटी बनने का रास्ता तय होगा। पठानिया ने साइना नेहवाल की बैडमिंटन अकादमी भी स्थापित करने के प्रयास शुरु किए हैं। एचपीसीए का अध्यक्ष रहते हुए अनुराग ठाकुर ने शिमला में भी एक स्पोर्टस कॉप्लैक्स बनाने की पहल की थी। जिसमें क्रिकेट स्टेडियम के साथ-साथ अन्य खेलों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध कराने का सपना संजोया था। राजनैतिक विवाद के चलते आरोप –प्रत्यारोप की सियासत में अनुराग का यह प्रयास सफल नहीं हो सका। उम्मीद है कि अब अनुराग ठाकुर खेल मंत्री बने हैं तो प्रदेश की राजधानी शिमला को भी बड़ा तोहफा दे सकते हैं। पहाड़ी और ठंडा प्रदेश होने के कारण हिमाचल प्रदेश में रोमांचक और विंटर स्पोर्टस की भी व्यापक संभावनाएं हैं। जिसमें पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, रॉक क्लाइमिंग, स्केटिंग और स्कीइंग खेलों के क्षेत्र भी विकास का इंतजार कर रहे हैं। अनुराग ठाकुर हिमाचल के चप्पे-चप्पे से वाकिफ भी हैं और वह जानते हैं कि यहां किन खेलों के विकास करने की अपार संभावनाएं हैं जो देश में अन्य किसी प्रदेश में संभव नहीं हैं। जिसके कारण विंटर स्पोर्टस के क्षेत्र में आइस स्केटिंग और स्कीइंग के लिए सुविधाओं प्रदान की जा सकती है। हिमाचल के प्रति अनुराग के लगाव से यह तय है कि अब हिमाचल में खेलों के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास होगा, जिसकी शायद प्रदेश के लोगों ने उम्मीद भी नहीं की होगी।
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