
मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना
आदर्श ग्राम सुखाश्रय परिसर संचालन द्वारा प्रदेश के निराश्रित व निःसहाय वृद्धों, विधवा, परित्यक्ता एवं एकल नारी को निःशुल्क सर्वश्रेष्ठ सुविधाओं सहित सम्मानित एवं सुरक्षित गरिमामयी जीवन स्तर प्रदान करना।
अनाथ एवं दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क निर्बाध शैक्षणिक तथा व्यवसायिक शिक्षा सहित रोजगार का प्रावधान।
विशेष गृह/नर्सिंग होम निवासियों के लिए प्रति व्यक्ति 500/- रुपए और संस्थानों के लिए 10000/- रुपए तक उत्सव भत्ते का प्रावधान।
सामाजिक सुरुक्षा पेंशन
बुजुर्गों के सामाजिक सम्मान व सुरक्षा के दृष्टिगत 567801 वरिष्ठ नागरिकों को बिना आय सीमा के 1000/-1500/- रू० रू0 से 1700/- प्रति माह की दर से वृद्धावस्था पेंशन का प्रावधान।
विधवा, परित्यक्ता एवं एकल नारी की आर्थिक सबलता हेतु 140511 महिलाओं को बिना आय सीमा के 1000/-1500/- रू0 एवं 1700/- रू प्रति माह की दर से पेंशन का प्रावधान।सामाजिक समानता, सुरक्षा व सम्मान के दृष्टिगत आर्थिक सबलता हेतु 1013 कुष्ठ रोगियों, 40% या अधिक प्रतिशतता वाले 74551 दिव्यांगों एवं 41 ट्रांसजेंडर को बिना आय सीमा के 1000/-,1150/-रू, 1500/- रू० तथा 1700/- रू० प्रति माह की दर से मासिक पेंशन का प्रावधान।
इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना
राज्य सरकार द्वारा नारी की आर्थिक सुदृढ़ता एवं परिवार में सम्मानजनक उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु नई योजना ‘इदिरा गांधी महिला सम्मान निधि योजना 2023 अधिसूचित कर काजा क्षेत्र की 18-59 आयु वर्ग की महिलाओं और चोमो (बौद्ध भिक्षुणियां) को दिनांक 01.06.2023 से ₹1500/- प्रतिमाह की राशि प्रदान की गई। दिनांक 01.02.2024 को योजना का विस्तार करते हुये लाहौल और उदयपुर सब डिवीजन को भी योजना के दायरे में ला कर जिला लाहौल स्पीति की कुल 1106 महिलाओं को 120.78 लाख रू० का लाभ प्रदान किया गया। दिनांक 13.03. 2024 को इस योजना का पुनः विस्तार करते हुए इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के नाम से इसे सम्पूर्ण प्रदेश में लागू कर दिया गया।
स्वर्ण जयन्ती आश्रय योजना
आश्रय निर्माण हेतु अनु०जाति, अनु०जनजाति व, अन्य पिछड़ा वर्ग के आश्रयहीन स्थाई निवासियो को अपने नाम पर भूमि उपलब्धता, भूमि का ततीमा व जमाबंदी, जाति प्रमाण पत्र, वार्षिक 50,000/- रु० तक आय प्रमाण पत्र की संलग्नता सुनिश्चित करते हुए आवेदन करने का प्रावधान है। इसके तहत 1,50,000/- रू0 अनुदान राशि प्रदान की जाती है।
दिव्यांग छात्र/छात्राओं को छात्रवृति
40% या अधिक प्रतिशतता वाले दिव्यांगों को निर्बाध शैक्षणिक तथा व्यवसायिक शिक्षा पूर्ण करने हेतु प्रोत्साहन राशि के रूप में बिना आय सीमा के 625/- से 5000/-रू0 तक मासिक छात्रवृति का प्रावधान।
दृष्टिहीन व मूक बधिर बच्चों हेतु विशेष स्कूल योजना
मूक बधिर / दृष्टि बाधित दिव्यांग बालिकाओं को 10+2 तक आवासीय सुविधा सहित निःशुल्क गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु सुदंरनगर (मण्डी) में विशेष स्कूल संचालन किया जा रहा है।
मूक बधिर / दृष्टि बाधित दिव्यांग बालकओं को 10+2 तक आवासीय सुविधा सहित निःशुल्क गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु ढली (शिमला) में विशेष स्कूल संचालन किया जा रहा है।
निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना
समाज में दिव्यांगों को सामाजिक सम्मान सहित संवेदनात्मक समानता प्रदान करने के उद्देश्य से दिव्यांगों से विवाह हेतु प्रोत्साहनार्थ 50000/-रू0 तक की पुरस्कार राशि का प्रावधान।
विशिष्ठ दिव्यांग पहचान पत्र (UDID)
जिला चिकित्सा बोर्ड की जांच के आधार पर चिन्हित दिव्यांगों को विशिष्ठ दिव्यांग पहचान पत्र (UDID) प्रदान कर सभी कल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण हेतु पात्रता का प्रावधान।
अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना
जातिगत समरसता व सामाजिक समभाव के दृष्टिगत अन्तर्जातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत 50,000 रुपए पुरस्कार राशि का प्रावधान।
राष्ट्रीय परिवार सहायता कार्यक्रम
➤ 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे के परिवार के मुख्य आजीविकाकर्ता की मृत्यु पर आश्रितों को 20,000/-रू0 की त्वरित राहत राशि का प्रावधान।
कम्प्यूटर एप्लिीकेशन व समवर्ती क्रिया-कलापों में प्रशिक्षण एवं दक्षता योजना
हिमाचल के बी०पी०एल० परिवार व 2 लाख रू0 से कम वार्षिक आय वाले 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अनु० जाति, अनु० जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग, विधवा, परित्यकता, एकल नारी, दिव्यांग एवं अल्पसंख्यक जो प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता रखते है को कम्प्यूटर उपयोग व समवर्गीय क्रियाकलापों में प्रशिक्षण।
नशा निवारण केन्द्रों का संचालन
नशा निवारण कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में कांगड़ा के नूरपुर में (पुरूष) तथा कुल्लू के भूतंर में (महिला) हेतु तथा केन्द्र सरकार के सहयोग से कुल्लू एवं हमीरपुर में पुरुषों हेत एकीकृत नशा निवारण एवं पुर्नवास केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है।
अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के अंतर्गत अनुसूचित जातियों के आर्थिक व सामाजिक विकास को तीव्र गति प्रदान करने के लिए राज्य में वर्तमान वित्तीय वर्ष में मु0 2399/- करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान ।
CM Bhagwant Singh Mann’s efforts to attract investment bear fruit; South Korea steps forward to provide technological support to Punjab’s agriculture sector*
Guru Ravidas Ji’s message is as relevant today as it was 600 years back – Sukhbir Singh Badal.
CM orders launch of 4th phase of BPL identification survey from 1st February
प्रदेश के इतिहास में पहली बार सभी पंचायतों में नियुक्त होंगे प्रशासक : जयराम ठाकुर
CM congratulates DDT&G on national recognition for ‘Him Parivar’ initiative