पेयजल योजना का तीसरा चरण पूरा होने के बाद 55 गांवों की 17,665 आबादी को होगा लाभ
पेयजल योजना के निर्माण से क्षेत्रवासी खुश, ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर का जता रहे आभार
ऊना (17 अप्रैल)- 48.87 लाख रुपए की लागत से वर्ष 1979 में तैयार रामगढ़ धार पेयजल योजना का शुभारंभ तत्कालीन मुख्यमंत्री शांता कुमार ने किया था, जिसके सुदृढ़ीकरण का अब तीसरा चरण पूर्ण होने को है। आबादी बढ़ने के साथ कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में इस पुरानी पेयजल योजना की क्षमता को बढ़ाए जाने की आवश्यकता थी, जिसे देखते हुए वर्ष 1999-2000 में 1.99 करोड़ रुपए की लागत से दूसरा चरण तैयार किया गया। अब उम्मीद है कि जून माह तक इस योजना का तीसरा चरण भी बनकर पूरा हो जाएगा, जिसकी कुल लागत 13.10 करोड़ रुपए है।
जलशक्ति विभाग ने रामगढ़ धार पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण के तीसरा चरण का कार्य 70 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। पेयजल योजना का निर्माण कार्य पूर्ण होने की ओर है और अब तक ग्राम पंचायत सलांगड़ी, बोहरू, सकौन, घरवासड़ा, तलाई, हंडोला तथा जगातखाना में पेयजल आपूर्ति की स्थिति में सुधार आया है।
विभाग के अधिशाषी अभियंता एके बंसल ने बताया कि सलांगड़ी में 6.74 लाख लीटर, बोहरू में 2.45 लाख लीटर, सकौन में 1.09 लाख लीटर, घरवासड़ा में 1.25 लाख लीटर, तलाई में 95 हजार लीटर, हंडोला में 37 हजार तथा जगातखाना में 35 हजार लीटर क्षमता के टैंक बनकर तैयार हैं। इसके अतिरिक्त यहां पर पानी के छोटे टैंक भी बना लिए गए हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि रामगढ़धार योजना के मुख्य कार्य स्थल पर पहले से अधिक ज्यादा क्षमता वाले नए पम्प व मोटरें स्थापित की जा रही हैं तथा इन्हें भी अति शीघ्र चालू करने के लिए विभाग दिन रात कोशिश कर रहा है I
कुटलैहड़ भाजपा के महामंत्री तथा मिल्कफैड के निदेशक कैप्टन प्रीतम डढवाल, पंचायत समिति बंगाणा के अध्यक्ष देवराज शर्मा, उपाध्यक्ष जमीत सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष कृष्णपाल शर्मा, ग्राम पंचायत परोईयां की प्रधान आशा रानी सहित अन्य क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार व ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर का इस पेयजल योजना के लिए धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के सुधारीकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद निश्चित रूप से बहुत बड़ी आबादी लाभान्वित होगी।
वहीं विभाग के अधिकारी आश्वस्त हैं कि जून माह तक सुदृढ़ीकरण का पूरा कार्य समाप्त हो जाएगा, जिससे 55 गांवों की 17,665 आबादी की लाभ होगा। यही नहीं गंदे पानी की समस्या भी पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगी। विभाग पेयजल योजना का सुधार कार्य युद्ध स्तर पर कर रहा हैI
अधीक्षण अभियंता अरविंद सूद ने बताया कि जहां पहले 6 इंच की मुख्य उठाऊ नाली से पानी दिया जाता था, उसे अब बदलकर 8 इंच की नई मुख्य उठाऊ नाली डालकर चालू कर दिया गया हैI इसके साथ ही दूसरे चरण की मुख्य लाइन को 3 इंच के स्थान पर 4 इंच में बदलकर चालू कर दिया गया है I इन दोनों पाइपों की लम्बाई 8,592 मीटर है I इसके साथ हो बोहरू से चोगाठ की 2,590 मीटर लाइन लगा दी गई है, जिससे लोगों को पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जो नए टैंक बनाए जा रहे हैं, उन्हें साथ के साथ ही नई पाउप लाउन डालकर जोड़ा जा रहा है और हर बस्ती में सब तरफ पानी की सप्लाई सुचारू हो सके, इसके लिए टैकों के पास ही वितरण सिस्टम को हर तरफ सुनियोजित ढंग से बनाया जा रहा है I
जल शक्ति विभाग ने रामगढ़ धार पेयजल योजना के तीसरे चरण में बनने वाले कुल 40 विरतण टैंकों में से 26 टैंक बना दिए हैं व बाकि टैंकों का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा हैI इसके साथ ही पुरानी योजना पर पुराने रिसाव कुएं से जब जल स्तर कम हो जाता था तथा पानी सतलुज नदी से लेना पड़ता था व बरसात में गन्दा पानी आने की वजह से क्षेत्र वासियों को गंदे पानी पीने की समस्या से झूजना पड़ता था, उससे से भी विभाग जनता को राहत दिलाएगाI विभाग द्वारा समस्या से निपटने के लिए एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया हैI जिसे कुछ ही दिनों में चालू कर दिया जाएगा, जिससे बरसात के दिनों में गंदे पानी की समस्या से भी क्षेत्रवासियों को निजात मिलेगीI
HP SET ECONOMICS PAPER 2, 2015
कोरोना वैक्सिनेशन महाअभियान : जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को किया जा रहा है जागरूक
मुख्यमंत्री ने द्रंग विधानसभा क्षेत्र के लिए कई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की
CM reviews Covid and drought situation in Una District
मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों को रक्तचाप माॅनिटर भेंट किए
CM Bhagwant Singh Mann’s efforts to attract investment bear fruit; South Korea steps forward to provide technological support to Punjab’s agriculture sector*
Guru Ravidas Ji’s message is as relevant today as it was 600 years back – Sukhbir Singh Badal.
CM orders launch of 4th phase of BPL identification survey from 1st February