पंजाब कैबिनेट सब-कमेटी द्वारा कर्मचारियों की यूनियनों के साथ सार्थक बैठकें
चंडीगढ़, 8 जनवरी
पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए गठित वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल पर आधारित कैबिनेट सब-कमेटी ने आज मेरीटोरियस टीचर्स यूनियन, 3704 अध्यापक यूनियन, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट, पुरानी पेंशन प्राप्ति मोर्चा, खेतीबाडी विद्यार्थी एसोसिएशन और आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ क्रमबद्ध बैठकें कीं।
बैठक के दौरान मेरीटोरियस टीचर्स यूनियन के प्रतिनिधियों ने छात्रों के उज्जवल भविष्य के निर्माण में मेरीटोरियस स्कूलों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और अपनी मांगें व मुद्दे प्रस्तुत किए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट सब-कमेटी की ओर से शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि इन अध्यापकों की सेवाओं को नियमित करने के लिए गठित अधिकारी समिति के माध्यम से विचार किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यूनियन की वित्तीय मांगों से संबंधित रिपोर्ट तैयार करके वित्त विभाग को भेजी जाए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यूनियन को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बेहतरीन सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं पर विशेष ध्यान दे रही है।
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के साथ बैठक के दौरान कैबिनेट सब-कमेटी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि फ्रंट द्वारा उठाए गए उन मुद्दों पर, जो इस समय अदालत में लंबित हैं या कानूनी बाधाओं का सामना कर सकते हैं, एडवोकेट जनरल कार्यालय से कानूनी राय ली जाए। फ्रंट द्वारा उठाए गए वित्तीय मुद्दों पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आश्वासन दिया कि वित्त विभाग द्वारा इन मामलों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। ‘3704 अध्यापक यूनियन’ द्वारा उठाए गए मुद्दों के लिए कैबिनेट सब-कमेटी ने शिक्षा विभाग को यूनियन के साथ बैठक करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
खेती बाडी विद्यार्थी एसोसिएशन ने मांग की कि स्कूलों में कृषि को अनिवार्य विषय बनाया जाए। कैबिनेट सब-कमेटी ने शिक्षा विभाग को यह मामला विषय विशेषज्ञ समिति के पास भेजने को कहा। इसके अलावा, कैबिनेट सब-कमेटी ने शिक्षा विभाग को कृषि को कौशल आधारित पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर विचार करने के निर्देश दिए हैं।
पुरानी पेंशन प्राप्ति मोर्चा ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को पुनः शुरू करने का मुद्दा उठाया। कमेटी ने मोर्चे को बताया कि पंजाब सरकार द्वारा गठित अधिकारियों की कमेटी इस संबंध में उचित निर्णय लेने के लिए लगातार बैठकें कर रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने कैबिनेट सब-कमेटी को सूचित किया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नई पेंशन योजना, ‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम’, पर विस्तृत दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन द्वारा उठाए गए ग्रेच्युटी के मुद्दे के संबंध में कैबिनेट सब-कमेटी ने सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग को कानूनी सलाह लेने के बाद मामला वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार से संबंधित मांगों के लिए कैबिनेट सब-कमेटी ने विभाग को निर्देश दिया कि इन मुद्दों के समाधान के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाए। कुछ आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिक स्कूलों में समायोजित करने के कारण उत्पन्न समस्याओं के संबंध में कैबिनेट सब-कमेटी ने विभागों को शिक्षा विभाग के साथ बैठक कर इन मुद्दों का समाधान करने के लिए कहा।
आज की बैठक में मेरीटोरियस टीचर्स यूनियन से डॉ. टीना, डॉ. अजय, बूटा सिंह और अशप्रीत कौर; डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट से विक्रम देव सिंह, महिंदर कौरियांवाली, गुरप्यार कोटली, राजीव बरनाला और सुखदेव सिंह डांसीवाल; 3704 अध्यापक यूनियन से हरजिंदर सिंह, यादविंदर सिंह और चरणजीत सिंह; खेतीबाडी विद्यार्थी एसोसिएशन से अंग्रेज सिंह और आकाशदीप; पुरानी पेंशन प्राप्ति मोर्चा से गुरजंट सिंह कोकरी, तहल सिंह सराभा और रणदीप सिंह; और आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन से ऊषा रानी और गुरमीत कौर उपस्थित थे।
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