ठियाग में हुए पानी घोटाले में जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शख्त कार्रवाई की और दस अफसर सस्पेंड कर दिए हैं, इसके साथ डिप्टी सीएम की जांच बिजिलेंस को दे दी है। पानी सप्लाई में शामिल सभी ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। जल शक्ति विभाग में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोप हैं। इन पर आरोप है कि स्कूटी और कार में पानी सप्लाई कर लाखों रुपए के बिल बनाकर हड़पे हैं। अब बिजिलेंस जांच के बाद पता चलेगा कि यह पूरा घोटाला कितने का है और इनमें कौन कौन लोग शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री ने सीधा संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पानी घोटाले के आरोप में शामिल विभाग ने मामले में लापरवाही बरतने वाले 5 अधिकारियों का निलंबन कर दिया है, 5 अन्यों के निलंबन को लेकर अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखा गया है। उल्लेखनीय है कि ठियोग के पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने बीते दिनों पत्रकार वार्ता कर पेयजल घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि बीते सालों में जो काम 12-13 लाख में होता रहा उसी पर जल शक्ति विभाग ने एक करोड़ 12 लाख की रकम खर्च की। हैरानी की बात तो यह है कि पानी टीवीसी में ढोया गया। आरटीआई के तहत ली गई सूचना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि टैंकरों के नाम पर जिन वाहनों के नंबर दिए गएए उनमें मोटर साइकिल एवं कारों के अलावा एक अफसर की गाड़ी भी शामिल है। दो ऐसे गांवों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति दर्शाई गईए जहां सडक़ ही नहीं है। प्रांरभिक जांच के बाद विभाग ने
ईई अशोक कुमार मतियाना, बसंत कुमार ईई कुसुम्पटी, परनीत कुमार एई मतियाना, राकेश कुमार एई कोटी और विवेक शर्मा एई को भी सस्पेंड कर दिया है। कनिष्ठ अभियंता मस्त राम बराग्टा, सुरेश कुमार, नीम चंद, सुनील कुमार को निलंबित करने के आदेश संबंधित अधीक्षण अभियंताओं को दिए गए है।
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